ॲड. प्रकाश आंबेडकर, राष्ट्रीय अध्यक्ष, VBA ने ट्विटर (X) सोशियल मीडिया साइट पर 'चुनावों में गड़बड़ी के मुद्दे' पर लिखा है जिसे आप नीचे पढ़ सकते है.
"मुझे और कितनी बार कहना पड़ेगा कि अगर चुनावों को स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाना है, तो सभी राजनीतिक दलों को एक साथ आकर यह लड़ाई लड़नी होगी.
चुनावों में गड़बड़ी के मुद्दे पर सिर्फ मोर्चे निकालने से न्याय नहीं मिलेगा. असली न्याय तो कोर्ट के माध्यम से ही मिलेगा. मैं 2004 से सड़कों पर और न्यायालय में यह लड़ाई लगातार लड़ रहा हूँ.
17 मार्च 2024 को मुंबई में आयोजित भारत जोड़ो यात्रा की सभा में मैंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और विपक्षी दलों के प्रमुख नेता की मौजूदगी में सभी राजनीतिक दलों को EVM के विरोध में और चुनावों को स्वतंत्र, निष्पक्ष तथा पारदर्शी बनाने की इस लड़ाई में एकजुट होने की मांग की थी.
वंचित बहुजन आघाड़ी का पर्दाफाश महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में शाम 6 बजे के बाद 76 लाख वोट पड़े। चुनाव आयोग के पास इन 76 लाख वोटों से जुड़ा कोई रिकॉर्ड या डेटा नहीं है! यह स्पष्ट था कि चुनावों में धोखाधड़ी की गई थी.
• वंचित बहुजन आघाडी ने चुनावों की वैधता पर सवाल उठाने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया!
• मैंने 16 जनवरी को कांग्रेस समेत 21 दलों को पत्र लिखकार हमारे साथ जुड़ने का आमंत्रण दिया.
• लेकिन कांग्रेस समेत किसी ने भी इसका जवाब नहीं दिया!
• फिर हमने चेतन अहिरे के माध्यम से बॉम्बे उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की, हमने बॉम्बे उच्च न्यायालय में सारे तथ्य प्रस्तुत किए, फिर भी 4 महीने बाद तुच्छ आधार पर यह याचिका खारिज कर दी गई.
• अब हम यही मुद्दा लेकर सुप्रीम कोर्ट गए हैं.
• 76 लाख मतदान आखिर किया किसने?
• मतदान की समय सीमा समाप्त होने के बाद अचानक इतनी बड़ी मात्रा में वोटिंग कैसे हुई?
• अगर चुनाव आयोग के पास इस संबंध में कोई डेटा ही नहीं है, तो क्या ये चुनाव वास्तव में स्वतंत्र और निष्पक्ष कहे जा सकते हैं?
• यदि विपक्षी दल वास्तव में इस सवाल को उठाना चाहते हैं, तो उन्हें सुप्रीम कोर्ट में हमारे द्वारे दाखिल की गई याचिका में एक पक्ष बनना चाहिए.
• तभी आप चुनाव आयोग से सीधे कोर्ट के माध्यम से यह सवाल पूछ सकते हैं।
• अगर आपको सच में यह लड़ाई लड़नी है, तो मैं फिर से कह रहा हूँ। चुनाव में गड़बड़ी के संदर्भ में सिर्फ मोर्चे निकालने से न्याय नहीं मिलेगा, हमें न्याय तो अदालत से ही मिल सकता है.
• यह बात विपक्षी दलों को गंभीरता से समझनी चाहिए.
जय भीम. जय संविधान. जय भारत." - ॲड. प्रकाश आंबेडकर, राष्ट्रीय अध्यक्ष, VBA.
By Team Revolt News India
