(1) बी.एस.पी. प्रमुख सुश्री मायावती जी द्वारा देश व दुनिया भर में रहने वाले सभी भारतीयों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं सुखी व समृद्ध जीवन की शुभकामनायें.
(2) वैसे भी सर्वसमाज के हित अर्थात् व्यापक जनहित में ही देशहित निहित व समाहित है और इसीलिए डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा 'अमेरिका को पुनः महान बनाने की प्रतिज्ञा के तहत् मनमानी व्यापार टैरिफ नीति को बलपूर्वक लागू करने से भारत में भी इसके आर्थिक प्रभाव से देश व जनजीवन को बचाने हेतु आत्मनिर्भरता बढ़ाने वाली नीति पर ठोस कार्रवाई जरूरी. अमेरिका से दोस्ती मंहगी पड़ने के बाद अपने देश का व्यापार व भरोसा किसी एक देश पर केन्द्रित ना हो तो यह बेहतर.
(3) साथ ही, देश का समग्र व जनहितैषी विकास तभी संभव जब भारत हर प्रकार की अव्यवस्था, साम्प्रदायिक, जातिवादी, भाषाई आदि तनाव व हिंसा आदि से मुक्त हो, जिसके प्रति सरकारों की ख़ास जिम्मेदारी. केन्द्र व राज्य के बीच टकराव को भी रोकना होगा.
लखनऊ, 15 अगस्त 2025, शुक्रवार बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) की राष्ट्रीय अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश की चार बार रहीं मुख्यमंत्री व पूर्व सासंद बहन कु. मायावती जी ने देश व दुनिया भर में रहने वाले सभी भारतीयों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं सुखी और समृद्ध जीवन की शुभकामनायें देते हुये आज यहाँ कहा कि जनहित में ही देशहित निहित व समाहित है और इसीलिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा 'अमेरिका को पुनः महान बनाने की प्रतिज्ञा के तहत् मनमानी व्यापार टैरिफ नीति को जोर जबरदस्ती लागू करने से भारत में भी इसके आर्थिक प्रभाव से देश व जनजीवन को बचाने हेतु सरकार को दावे, वादे, कसमें, घोषणायें व संकीर्णता आदि त्याग कर एकाग्रता एवं एकजुटता के साथ ठोस उपायों पर सही से कार्य करना जरूरी है.
अर्थात् केन्द्र व राज्य सरकारें देश की लगभग 140 करोड़ की आबादी व खासकर भारत के व्यापार हित रक्षा के साथ ही देश की अर्थव्यवस्था को बचाने तथा लोगों को उससे उत्पन्न अफरातफरी के हालात से निकालने हेतु पूरी तरह से नीतिगत परिवर्तन से आश्वस्त करना ज़रूरी है. आज स्वतंत्रता दिवस के दिन देश को इसी संदेश का इंतजार है और आगे भी रहेगा.
वैसे तो देश के करोड़ों बहुजन गरीबों, मजदूरों, किसानों, छोटे व्यपारियों व अन्य सभी मेहनतकश समाज के अंथक प्रसायों के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियाद मज़बूत बनी हुई है और जो सरकार का असली सहारा भी है, लेकिन सरकार की मुख्यतः गरीब-विरोधी व बडे-बडे पूंजीपति व धन्नासेठ- समर्थक नीति के कारण इन वर्गों के लोगों का जीवन खासकर बढ़ती हुई महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी व हर दिन के तनावपूर्ण जीवन आदि के कारण काफी बदहाल है जबकि इनकी क्रय शक्ति ही देश के अर्थव्यवस्था की असली ताकत व पूँजी है, जिसके प्रति सरकार को अब गंभीर होकर सुधार के उपाये करने की जरूरत है.
इस क्रम में अमेरिका से भारत की दोस्ती अब काफी महंगी पड़ने के कारण भारतीय व्यापार को किसी एक देश तक सीमित अर्थात् किसी एक देश पर निर्भरता के बजाय दूसरे अन्य देशों और खासकर कम खर्चीले व्यपापर को तेजी से बढ़ाने की आवश्यकता पर गंभीरता से विचार किये जाने पर बल देते हुए सुश्री मायावती जी ने कहा कि इसके लिए भारत सरकार को कृषि की तरह ही अन्य विभिन्न क्षेत्रों में भी आत्मनिर्भरता पर दीर्घकालीन नीति बनाकर कार्य करने की जरूरत है, जिससे देश की अपार श्रम व आईटी सेक्टर की शक्ति को बढ़ावा मिल सकता है और गरीबी व बेरोजगारी आदि की जटिल समस्याओं से मुक्ति भी मिल सकती है और इसके लिए सरकार को संकीर्णता व कुछ चुनिन्दा व्यापारियों को प्रश्रय देना छोडकर सरकारी क्षेत्र को भी उचित बढ़ावा देना होगा.
इसके साथ ही, देश का जनहितैषी समग्र व सम्पूर्ण विकास तभी संभव है जब देश हर प्रकार की अव्यवस्था, साम्प्रदायिक, जातिवादी, भाषाई आदि तनाव / हिंसा आदि से मुक्त हो, जिसके प्रति सरकारों की खास जिम्मेदारी है। केन्द्र व राज्यों के बीच बढ़ते हुये टकराव को भी रोकना बहुत जरूरी है.
